नवरात्र में देवी मां को 9 दिन तक प्रसन्न कैसे रखें आइए जानते हैं

Splwork October 17th, 2020 05:11

जीवन की कोई भी इच्छा बिना शक्ति के पूर्ति नहीं हो पाती है।

अगर आप किसी भी देवी देवता का पूजा पाठ करते हैं तो आपको शक्ति की कोई साधना नहीं मिल पाती है। तो आप की पूजा करने की विधि में कुछ ना कुछ कमियां जरूर होती होंगी जिसकी वजह से ऐसा होता है शक्ति की साधना का सबसे बड़ा पर्व नवरात्र हैं। इसमें शेरावाली मां का पूजा 9 दिन तक बहुत अच्छे से करना पड़ता है। इस साल नवरात्र का पूजन 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक मनाया जाता है। नवरात्र के दिन दुर्गा माता का नव निधि के रूप में उनकी पूजा और आराधना के लिए सुनिश्चित किया जाता है। आइए हम आपको बताते हैं कि इस नवरात्र पर हमें दुर्गा मां का पूजा और आराधना करते समय किन-किन बातों का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। इनका अच्छे से ध्यान रखने पर हमारी मन से की गई इस साधना को माता देवी बहुत जल्द ही पूर्ण कर देंगी। और माता रानी का खूब आशीर्वाद भी मिलेगा।।

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पहले आपको एक साफ-सुथरा और पवित्र स्थान पर माता रानी का फोटो या मूर्ति को एक लाल कलर के कपड़े को फैलाकर आसन बना ले और उस जगह पर गंगाजल को छिड़क ले उसके बाद माता रानी को वहां पर स्थापित कर दें। और फूल माला से उनका श्रृंगार करें

और हमेशा पूजा करते समय लाल रंग के आसन का इस्तेमाल करें। और हां यह बैठने का आसन ऊनी कपड़ों का होना चाहिए।

यदि आपके पास उ ऊनी आसन ना हो तो लाल कलर का कंबल लेकर उस पर बैठ जाएं।

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यदि आपके पास लाल कलर के कपड़े पहनने की व्यवस्था हो तो माता रानी की पूजा अर्चना लाल कलर के कपड़े पहनकर करें। और अपने माथे पर लाल कलर के चंदन लगाकर माता रानी को प्रसन्न करने के लिए ‘ॐ ऐं हृीं क्लीं चामुण्डार्य विच्चै’ मंत्र इस मंत्र का बैठकर जाप करें।।

नवरात्रि में 9 दिन के लिए माता रानी के दरबार में धूपबत्ती और दीप हमेशा सुबह और शाम दोनों समय जलाएं और उससे पूरे घर में दिखा दे। इससे घर के अंदर रहने वाली सारी नकारात्मक शक्तियां दूर भाग जाती हैं।।

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देवी माता का प्रसाद कैसे बनाएं गाय का दूध ले ले और उसमें शहद डालकर उसे अच्छे से माता रानी के दरबार में चढ़ाएं पूजा पाठ करने के बाद दूध के प्रसाद को माता रानी का आशीर्वाद समझकर ग्रहण करें। दुर्गा मां की पूजा तुलसी दल या दुर्वा का उपयोग कभी भी ना करें।।

नवरात्र के नवा दिन आने पर मां सरस्वती जी की पूजा विशेष रूप से करें विद्यादायिनी माता के सामने कलम, किताब, पुस्तक कॉपी और वाद्य यंत्र को रखकर माता रानी की पूजा करें।।

नवरात्र में सभी बाल कन्या को देवी मां का रूप मानकर पूजा करें। ज्ञान की प्राप्ति के लिए ब्राह्मण कन्या का पूजन, बल के लिए छत्रिय कन्या की पूजा करें। और रोग से मुक्त होने के लिए शूद्र कन्या की पूजा अवश्य करें।।

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